भोपाल के मानव संग्रहालय में लद्दाख की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखी। इसमें टिबरिल मेस्लांग चाय केतली प्रदर्शनी की गई।
स्वदेश डेस्क
2026-01-12 16:36:57
Swadesh Bhopal
2025-11-17 04:16:56
Deeksha Mehra
2025-02-25 03:35:11
यह संस्कृति विभाग के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में काम करता था लेकिन मार्च 1985 में इसे स्वायत्तशासी संस्थान(ऑटोनॉमस संस्था) बना दिया गया।
Jagdeesh Kumar
2025-02-24 04:49:22
कहा जाता है कि जब भोपाल में नवाबों का शासन था तब इस सदर मंजिल को सपनों का महल कहते थे। यह होटल 126 साल पुरानी है, जिसे नवाबों ने बनवाया था।
2025-02-16 05:56:22